मध्य प्रदेश में ट्रांसजेंडर्स को मिला पैतृक सम्पत्ति और बच्चे गोद लेने का अधिकार

Rights for Transgenders in MP

ट्रांसजेंडर समुदाय को सशक्त बनाने के लिए, मध्य प्रदेश सरकार अपनी “ट्रांसजेंडर पॉलिसी” में कुछ सुधारों की सारणी ले कर आए हैं। जो नवंबर के अंत तक लागू होंगे।

ट्रांसजेंडर पॉलिसी के प्रावधान।

ट्रांसजेंडर्स के सामूहिक विवाह की पदोन्नति, पैतृक सम्पत्ति का कानूनी अधिकार, “sex reassignment surgeries” और जो लोग ट्रांसजेंडर्स को आपत्तिजनक नामों से बुलाते हैं उनके लिए सज़ा, यही सब इस पॉलिसी के अंतर्गत आते हैं।

मध्य प्रदेश सरकार ने ट्रांसजेंडर्स समुदाय को सरकारी दफ्तर, पुलिस और उनके लिए स्वास्थ कर्मचारियों के छेत्र में नौकरियां देने की योजना भी बनाई है। साथ ही लंबे समय में उन्हें कानूनी अधिकार देने की और सरकारी हॉस्पिटलों में sex reassignment surgery के लिए वित्तीय मदद देने की भी योजना है।

इस पॉलिसी के कुछ और भी प्रावधान हैं जैसे 55 साल से ज्यादा के व्यक्ति के लिए पेंशन का प्रावधान, वन स्टॉप सेंटर का प्रावधान, शेल्टर होम्स, ओल्ड एज होम्स। अब मध्य प्रदेश में ट्रांसजेंडर्स का भी अपना परिवार होगा जैसे की वहां की सरकार सामूहिक विवाह का आयोजन करेगी। साथ ही अब वीसी चाइल्ड अडॉप्शन भी कर सकती है, ट्रांसजेंडर कम्युनिटी।

क्या कहते हैं डिपार्टमेंटल हेड्स।

मध्य प्रदेश के social justice department के principal secretary, प्रतीक हजेला का कहना है “ट्रांसजेंडर पर्सन्स रूल्स 2020, जुलाई 2020 में केंद्र के द्वारा लाया गया था, उसी के तहत, मध्य प्रदेश का सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट सामाजिक बदलाव ले कर आयेगा। इलेक्शन के नतीजों के तुरंत बाद ही इस पॉलिसी को कैबिनेट के सामने रखा जायेगा।”

उन्होंने ये भी कहा के “इस पॉलिसी में लघु अवधि और दीर्घ अवधि दोनो के लिए प्रावधान उपलब्ध हैं।”

सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट के मंत्री प्रेम सिंह पटेल का कहना है ” हम इस पॉलिसी और ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को बराबर का अधिकार देने के लिए “ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड” का परिचय करवाने के लिए बहुत ही उत्सुक हैं।”

और मंत्री प्रेम सिंह का ये भी कहना है के social justice department तो मुख्य एजेंसी का काम करेगा ही परन्तु इसके अलावा भी 17 दूसरे डिपार्टमेंट भी इसमें अपना योगदान करेंगे जैसे होम डिपार्टमेंट, लॉ, वूमेन और चाइल्ड डिपार्टमेंट।

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