दिवाली 2020: जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि व सामग्री

Diwali

पांच दिवसीय पर्व के तीसरे दिन दिवाली मनाई जाती है। यह हिंदुओं के सबसे बड़े और प्रमुख त्योहारों में से एक है। असत्य पर सत्य की जीत को दर्शाता यह पर देश भर में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।
आइए विस्तार से जानते हैं।

कब है दिवाली?


दिवाली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाई जाती है। यह हिंदू पंचांग के अनुसार है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से दीपावली अक्टूबर या नवंबर महीने में आती है।

इस वर्ष पूरा देश दिवाली 14 नवंबर को मनाएगा।

शुभ मुहूर्त

  • तिथि (लक्ष्मी पूजन) : 14 नवंबर 2020
  • अमावस्या तिथि (प्रारंभ) : दोपहर 2:17 से (14 नवंबर 2020)
  • अमावस्या तिथि (समाप्त) : सुबह 10:36 तक (15 नवंबर 2020)
  • मुहूर्त (लक्ष्मी पूजा) : 14 नवंबर 2020 को शाम 5:28 से शाम 7:24 तक
  • कुल अवधि: 1 घंटे 56 मिनट
  • इस बार खरीदारी करना शुभ माना जा रहा है।
  • इस दिवाली सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है।

लक्ष्मी पूजन की सामग्री

  • लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा
  • लाल कपड़ा
  • गुलाल
  • लौंग
  • अगरबत्ती
  • हल्दी
  • गंगाजल
  • देसी घी
  • चांदी का सिक्का
  • अक्षत
  • दीपक
  • धूप
  • बत्ती
  • मिठाई
  • पंचमेवा
  • शहद
  • नारियल
  • रोली
  • सिंदूर
  • सुपारी
  • कपूर
  • केसर
  • इलायची
  • फूलों की माला, आदि।

पूजन विधि

laxmi puja
  1. मूर्ति की स्थापना: सबसे पहले चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
  2. माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति चौकी पर रखें।
  3. लोटा या जल पात्र से जल छिड़कते हुए मंत्र का उच्चारण करें- ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्‍थां गतोपि वा । य: स्‍मरेत् पुण्‍डरीकाक्षं स: वाह्याभंतर: शुचि: ।।

मूर्ति स्थापना के बाद धरती मां को प्रणाम करें। तत्पश्चात गंगाजल से आसमान करें। इसके बाद मां लक्ष्मी का आवाह्न करें।

इस मंत्र का उच्चारण करें।
आगच्‍छ देव-देवेशि! तेजोमय‍ि महा-लक्ष्‍मी !
क्रियमाणां मया पूजां, गृहाण सुर-वन्दिते !
।। श्रीलक्ष्‍मी देवीं आवाह्यामि ।।

इसके बाद विधि विधान से पूजा करें।

दिवाली की कथा


मान्यता है कि भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे। रावण की लंका दहन कर जब वह अयोध्या पधारे तो पूरी प्रजा ने उनका भव्य स्वागत किया। इस खुशी में पूरी प्रजा ने नगर में घी के दीपक जलाए थे। तभी से दिवाली मनाई जा रही है।
मान्यता है कि भगवान विष्णु और लक्ष्मी मां की शादी दिवाली के दिन ही हुई थी। विधि विधान से पूजा करने पर हमारे जीवन में सुख-समृद्धि और बुद्धि का आगमन होता है।

दीपावली की रात होगी काली पूजा


देवनागरी में दीपावली की रात करीब 5 दर्जन से अधिक पूजा समितियों के द्वारा मां काली की पूजा की जाएगी।इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कोरोनावायरस को ध्यान में रखते हुए आम लोगों को पूजा पंडाल में एंट्री नहीं मिलेगी।
मंडपों में मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था होगी। पूजा रात में करीब 8:00 बजे शुरू होगी। देर रात 2:00 बजे तक पूजा चलेगी। पूजा संपन्न होते ही रात में कलश को विसर्जित कर दिया जाएगा।

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