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जल्दी आ सकती है कोरोनावायरस की पहली वैक्सीन

दुनिया भर में कोरोना के मामले निरंतर बढ़ते जा रहे हैं बताया जा रहा है कि कुल मामले पांच करोड़ सात लाख से भी ज्यादा है ,और मरने वालों की संख्या कुल 12 लाख 62 हजार के पार बताई जा रही है । वैक्सीन बनने का काम तेजी से चल रहा है,लेकिन इस बात का स्पष्टीकरण नहीं मिल रहा है कि वैक्सीन कब तक लोगों के पास पहुंचाई जाएगी और कब यह महामारी समाप्त होगी।

हालांकि इन सभी के चलते एक बड़ी खबर सामने आ रही है । कुछ कंपनियों ने इस बात का दावा किया है, कि नवंबर के खत्म होने से पहले ही वैक्सीन लॉन्च कर दी जाएगी। बता दें कि ब्रिटेन के अखबार द मेल के मुताबिक पिछले हफ्ते एक बैठक रखी गई थी। जिसमें वैक्सीन को लेकर चर्चा की गई जिसमें इस बात की पुष्टि भी की थी, कि इस माह के खत्म होने से पहले देश में वैक्सीन का वितरण शुरू किया जाएगा । शुरुआत में ही फ्रंटलाइन वर्कर्स और 80 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। इसके साथ ही है जानकारी भी दी जा रही है कि मरीजों को वैक्सीन के दो डोज दिए जाएंगे जिनमें लगभग 2 से 4 हफ्तों का अंतर रखा जाएगा।

ब्रिटेन से यह खबर भी सामने आ रही है कि ब्रिटेन सरकार ने वैक्सीन के लिए छह कंपनियों के साथ समझौता किया है।इनमें से एस्ट्रोजनका,ऑक्सफोर्ड और फाइजर बायोएंटीक की वैक्सीन को आगे बताया जा रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल भारत में जारी है।ऐसा माना जा रहा है कि अगर इस वैक्सीन को ब्रिटेन सरकार से मंजूरी मिल जाती है तो यह भारत के लिए भी एक खुश खबर होगी।भारत में इस वैक्सीन को तभी उपलब्ध कराया जाएगा जब ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ट्रायल से जुड़ी सभी जांचों के नतीजे उत्साहवर्धक होंगे। उसके उपरांत ही इस वैक्सीन को भारत सरकार द्वारा मंजूरी प्रदान की जाएगी।

कोवैक्सीन नाम के टीके को भारत बायोटेक के साथ भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय विषाणु संस्थान ने साथ मिलकर विकसित किया है।वैक्सीन को लेकर भारत की पहली स्वदेशी कोविड-19 टीके को भारतीय औषधि महानियंत्रक से मानव परीक्षण की अनुमति प्रदान की गई है। बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन के प्रथम और दूसरे चरण के ट्रायल को अगले माह से शुरू किया जाएगा। कंपनी द्वारा यह बयान सामने आया है कि कंपनी को प्रीक्लिनिकल अध्ययनों के परिणाम प्रस्तुत करने के बाद मानव परीक्षण की अनुमति प्रदान की गई है।

National institute of immunology द्वारा विकसित किए गए पीको का चूहों पर प्रयोग किया गया जिसके नतीजे उत्साहजनक रहे। स्वदेशी वैक्सीन ओं में एनआईआई की वैक्सीन भी शामिल है। बताया गया कि चूहों में बड़े पैमाने पर इसका परीक्षण किया गया जिसके बाद वैक्सीन का मानव शरीर में वायरस निष्क्रिय करने की क्षमता का पता लगाने की दिशा में कार्य जारी है।

अमेरिकी कंपनी मॅडर्ना का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए 94 फ़ीसदी तक प्रभावी है हमारा टीका।

कोरोना वैक्सीन को लेकर काफी कंपनियों के दावे सामने आ रहे हैं कि वह कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। अब इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि 2020 खत्म होने से पहले विश्व में कोरोना वैक्सीन का आगमन हो जाएगा। वैक्सीन का इंतजार सभी देशों को बेसब्री से है, सभी यही चाहते हैं कि जल्द से जल्द वैक्सीन बने और लोगों की जिंदगी पहले जैसी हो जाए जहां वे बिना किसी मास्क के खुलकर सांस ले सकें।

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