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ceasefire violation in jammu and kashmir
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जम्मू – कश्मीर : नियंत्रण रेखा पर हुई भिड़ंत में मारे गए 4 जवान और 3 असैनिक

श्रीनगर। नियंत्रण रेखा पर भड़कने से शुक्रवार को उत्तरी जम्मू – कश्मीर के कई छेत्रों में पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन में चार सैनिकों सहित सात लोग मारे गए।

अधिकारियों का कहना है कि बारामूला जिले के नम्बला सेक्टर में पाकिस्तानी गोलीबारी में सेना के दो जवान शहीद हो गए। पाकिस्तानी सेना ने मोर्टार और दूसरे हथियारों का इस्तेमाल किया।

अधिकारियों का ये भी कहना है कि ” बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के सब – इंस्पेक्टर भी इस भिड़ंत में मौत हो गई है जबकि एक जवान हाजी पीर सेक्टर में घायल हो गया है।

उन्होंने ये भी कहा कि ” बारामूला जिले के उरी छेत्र में कमलकोटे सेक्टर में 2 असैनिक महिलाओं की मौत हो गई। और एक महिला की मृत्यु उरी के हाजी पीर सेक्टर में बालकोटे छेत्र में हुई।

भारतीय सेना ने भी इस गोलीबारी का दृढ़ता से बदला लिया और सेना के सूत्रों का कहना है के पाकिस्तान की तरफ भी कई लोग हताहत हुए हैं।

सेना के सूत्रों से ये भी जानकारी है कि लगभग 6 – 7 पाकिस्तानी सेना के जवान मारे गए हैं साथ ही इनमे 2 एसएसजी (स्पेशल सर्विस ग्रुप) के कमांडो भी शामिल हैं और 10 – 12 जवान घायल भी हुए हैं।

इस गोलीबारी में पाकिस्तान को भारी नुक्सान हुआ है। उनके कई बंकर, फ्यूल डंप्स और लॉन्चपैड्स को नष्ट कर दिया गया है और उनमें आग लगा दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय छेत्र के अंदर पाकिस्तानी गोलीबारी में कई लोग घायल हुए हैं।

साथ ही उरी में विभिन्न स्थानों के अलावा, बांदीपुर जिले के गुरेज सेक्टर और कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया गया।

एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि ” सेना ने पाकिस्तानी गोलीबारी की आड़ में घुसपैठ की कोशिश को रोक दिया। “

कर्नल राजेश ने भारतीय सैनिकों की तारीफ करते हुए कहा कि ” आज केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के किनारे अग्रिम चौकियों पर हमारे सैनिकों द्वारा संदिग्ध हरकत देखी गई। संदिग्ध घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। ” उन्होंने आगे ये भी कहा कि ” उन्होंने मोर्टार और अन्य हथियार जला डाले। और प्रतिक्रिया भी व्यक्त की जा रही है। “

उस समय उसी स्थान पर मौजूद कॉन्स्टेबल वासु राजा भी घायल हो गए थे परन्तु अब वे स्थिर हैं।

बीएसएफ के वरिष्ठ अफसर का कहना है कि ” एलओसी पर बीएसएफ की सभी यूनिट्स में सुबह से ही आग लगी हुई थी और सैनिकों, आर्टिलरी रेजिमेंट और सहायक हथियारों के द्वारा प्रभावी जवाबी कार्यवाही की गई। “

अधिकारी ने कहा कि ” सब इंस्पेक्टर ने दुश्मन से भारी संघर्ष विराम उल्लंघन का सामना करते हए कर्तव्य की पंक्ति में सर्वोच्च बलिदान दिया है। सब – ऑफिसर उत्तराखण्ड के ऋषिकेश के रहने वाले थे और 2004 में सीमा बल में शामिल हुए थे। “

श्रीनगर में, कर्नल कालिया कहते हैं ” युद्धविराम उल्लंघन केरन से उरी सेक्टर्स तक कई बड़े इलाकों में फ़ैल गया। “

आपको बता दे की एक सप्ताह के अंदर घुसपैठ की ये दूसरी कोशिश थी। एक प्रयास 7 – 8 नवंबर में भी पाकिस्तान द्वारा किया गया था जिसको रोक दिया गया था। जिसमे तीन आतंकी मारे गए थे।

इस ऑपरेशन के तहत एक कैप्टन, और एक बीएसएफ जवान सहित तीन लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी।

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Jaysi works as a co-author and content writer. Expertise in search engine optimization. Passionate about content writing and voice over. Feel free to contact her at [email protected]