January 27, 2021

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Dhanteras 2020

धनतेरस 2020: जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि; क्या है सोना खरीदने का मंगल समय?

पांच दिवसीय पर्व का आज पहला दिन है धनतेरस। इसे धन्वंतरि त्रियोदशी, धन्वंतरि जयंती, धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। दीपावली के 2 दिन पहले आने वाले इस पर्व को कुबेर और धन्वंतरी की पूजा कर मनाया जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी कार्तिक मास की त्रयोदशी को मनाया जाएगा। धनतेरस के बाद छोटी दीपावली, मुख्य दिवाली, गोवर्धन पूजा और अंत में भाई दूज का त्योहार मनाया जायेगा।

आइए जानते हैं विस्तार से।


किसकी होती है पूजा

धन्वंतरी और कुबेर के साथ-साथ मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। इसे यम पूजा कहते हैं। लोगों की मान्यता यह है कि धनतेरस के दिन भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी प्रकट हुए थे। कहा यह भी जाता है कि इसी दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरी का भी जन्म हुआ। इसीलिए इस दिन माता लक्ष्मी भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। आज के दिन कई व्यापारी अपने व्यापार की जगह में पूजा करते हैं। उसके बाद मां लक्ष्मी की आराधना की जाती है।


धनतेरस का शुभ मुहूर्त

Dhanteras 2020
  • त्रयोदशी तिथि (प्रारंभ): 12 नवंबर 2020 – रात 9:30 से
  • त्रयोदशी तिथि (समाप्त): 13 नवंबर 2020 – शाम 5:59 तक
  • पूजा मुहूर्त: 13 नवंबर 2020 को शाम 5:28 से लेकर शाम 5:59 तक
  • कुल अवधि: 30 मिनट
  • प्रदोष काल: शाम 5:28 से रात 8:07 तक (13 नवंबर 2020)
  • ऋषभ काल: शाम 5:32 से रात 7:28 तक (13 नवंबर 2020)


धनतेरस की पूजन विधि

करें भगवान धन्वंतरि की पूजा।

  • उनकी प्रतिमा को धूप और दीपक दिखाएं।
  • फूल अर्पण कर सच्चे मन से पूजा करें।
  • धन्वंतरी की पूजन से होती है आरोग्य व दीर्घायु की प्राप्ति।


मृत्यु के देवता यमराज की पूजा होती है।

  • शाम के बाद घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाएं।
  • दरवाजे के दोनों ओर अनाज के ढेर पर इस मिट्टी के दीए को रखें।
  • दीपक का मुख दक्षिण दिशा की ओर रखें।
  • करें इस मंत्र का जाप- मृत्युना दंडपाशाभ्याम कालेन श्याम्या सह।त्रयोदश्याम दीप दानात सूर्यज प्रीयतां मम॥


धनतेरस के दिन कुबेर की भी पूजा होती है।

  • भौतिक सुख की प्राप्ति के लिए आज के दिन कुबेर की भी पूजा की जाती है।
  • इनकी प्रतिमा धूप-दीपक दिखाएं।
  • पुष्प अर्पण करें।
  • दक्षिण दिशा की ओर हाथ जोड़कर इस मंत्र का उच्चारण करें- ॐ श्री, ॐ ह्री श्रीं ह्री क्लीं वित्तेश्वराय नमः

मां लक्ष्मी के छोटे-छोटे पद – चिन्ह घर में स्थापित करें।


क्यों है झाड़ू शुभ

अक्सर लोग धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदते हैं। इसे शुभ भी माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार झाड़ू को लक्ष्मी मां का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए आज के दिन झाड़ू जरूर खरीदें।लोगों का मानना है कि इससे दरिद्रता घर में नहीं आती, हमेशा सकारात्मकता का संचार होता है।


सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त

dhanteras 2020
  • सुबह 6:42 से शाम 5:59 तक
  • कुल अवधि: 11 घंटे 16 मिनट

धारणा है कि शुभ मुहूर्त में सोना खरीदने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसकी वजह से धन में 13 गुणा की वृद्धि भी होती है। शुभ समय के दौरान खरीदारी करने से सुख शांति और समृद्धि हमेशा बनी रहती है।


क्यों खरीदते हैं सोना

धनतेरस के दिन सोना खरीदने के पीछे एक पौराणिक कथा है।माना जाता है कि हिम नामक राजा के बेटे को एक श्राप था। इसके अनुसार विवाह के चौथे दिन ही उसकी मृत्यु हो जाती है। राजकुमार से एक राजकुमारी प्रेम करती थी। जब से यह बात पता चली तो उसने चौथे दिन राजकुमार को जागे रहने के लिए कहा। उसने उस राजकुमार को कहानियां और गीत सुनाए। घर के दरवाजे पर ही उसने सोना चांदी और बहुत सारे आभूषण भी रखे और जला दिया।इसी कारण यमराज जो कि सांप के रूप में आए थे राजकुमार को ले जाने के लिए, वह भीतर प्रवेश नहीं कर पाए। इस कारण राजकुमार की मृत्यु की घड़ी बीत गई।

तभी से धनतेरस जैसे पावन अवसर पर सोना या चांदी खरीदने की परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि इससे अशुभ नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती।


इन्हें माना जाता है शुभ

  • सोना चांदी धनिया के बीज
  • नई झाड़ू 
  • पीतल के बर्तन
  •  हल्दी की गांठ 
  • कलश

रखें इन बातों का ख्याल

  • ना खरीदे लोहे के सामान
  • कांच के सामान बिल्कुल ना खरीदें
  • इसके साथ स्टील भी अशुभ माना जाता है।
  • प्लास्टिक के बर्तन से करना चाहिए परहेज।
  • काले रंग की चीजों से बचना चाहिए।
https://www.liveakhbar.in/2020/11/himanshu-nagpal-of-22-years-becomes-ias.html

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