January 23, 2021

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Bihar Elections 2020

बिहार विधानसभा चुनाव : कौन पहनेगा ताज, किसको मिलेगा वनवास

कोरोना काल के बाद सबसे बड़ा चुनावी रण बना बिहार। 28 अक्टूबर, 3, 7 और 10 नवंबर सबसे बड़ी तारीखें। जिसका इंतजार सिर्फ बिहार में ही नहीं पूरे उत्तर भारत में था। आज ये तारीख आ गई है आज पूरे उत्तर भारत की जनता को बेसब्री से नतीजों का इंतजार।

बात करे अगर बिहार की तीन मुख्य पार्टियों की तो उसमे एनडीए, फिर बिहार का बड़ा नाम, महागठबंधन राजद, और चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी है। बिहार में कुल 243 सीट हैं। साथ ही आज 3,733 उम्मीदवारों की किस्मत तय होगी जिनमे से 3,362 पुरुष, 370 महिलाएं और 1 थर्ड जेंडर उम्मीदवार हैं। राज्य में पूर्ण बहुमत के लिए 122 सीटों की आवश्यकता है। सबसे पहले 71 सीटों पर 28 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी। फिर दूसरे चरण की वोटिंग 3 नवंबर और तीसरे चरण की वोटिंग 7 नवंबर को हुई। आज 10 नवंबर को पता चलेगा के बिहार में किसके नाम का सूरज चमकेगा।

क्या कहते हैं रुझान।

अगर रुझानों की बात करे तो इलेक्शन कमिशन ने अपने रुझान पूरे 243 सीटों पर दे दिए हैं। तो ECI के अनुसार भाजपा सबसे ज्यादा 72 सीटों पर लीड कर रही है। कांग्रेस 21, जदयू 47, राजद 65 सीटों पर लीक कर रही है, ये ECI के अनुसार रुझान हैं। अभी तक कि जो तस्वीर सामने आ रही है उसमे एनडीए सबसे आगे है। साथ ही आपको बता दे की ये सिर्फ 20 राउंड की काउंटिंग है और ऐसा माना जा रहा है कि करीब 51 राउंड की काउंटिंग होगी।रुझानों में एनडीए 131 सीटों पर लीड कर के बहुमत के आंकड़ों को पार कर चुकी है। रुझानों के मुताबिक एनडीए फिर से बिहार में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रही है। आरजेडी को भी बढ़त मिली है लेकिन वो एनडीए से अभी भी पीछे है और आरजेडी 102 सीटों पर लीड कर रही है। अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा क्योंकि अभी कई राउंड की काउंटिंग बची है, तो तस्वीर बदलने में भी देर नहीं लगती है। सुन ने में आ रहा है कि करीब शाम 7 बजे तक तस्वीर साफ होगी। क्योंकि अभी सिर्फ 20% वोटो की गिनती पूरी हुई है और 80% वोटो की गिनती बची है। अभी लगभग 3 करोड़ वोटो की गिनती बाकी है। ग्रामीण इलाको की भी अगर बात करे तो वहां भी अभी मतगणना नहीं हुई है। तो अभी काफी समय बाकी है नतीजों के आने में। लेकिन रुझानों में यह भी माना जा रहा की बिहार में महिलाओं के वोट काफी ज्यादा हैं और यहां इसका फायदा एनडीए को हो सकता है।

कोरोना काल में कैसे अलग बिहार चुनाव।

कोरोना काल के बाद पहला सबसे चुनाव है बिहार का। इलेक्शन कमिशन के दिशा निर्देश अनुसार सोशल डिस्टेन्स का पालन करते हुए, एक काउंटिंग हॉल में 7 से ज्यादा सीटें नहीं होंगी और इसी के चलते काउंटिंग हॉल की संख्या बढ़ा दी गई है। साथ ही पोलिंग बूथ की भी संख्या बढ़ाई गई थी। इस बार बिहार में कुल 414 काउंटिंग हॉल है। और काउंटिंग की प्रक्रिया भी सोशल डिस्टेन्स की वजह से धीमी है। यही कारण है कि इस बार नतीजे आने में सम्भवतः थोड़ी देरी हो सकती है।

बिहार में कुल वोटर्स करीब 7 करोड़ है जिसमे करीब 4 करोड़ पुरुष और 3 करोड़ महिलाएं हैं और साथ ही करीब 2,344 थर्ड जेंडर वोटर्स भी हैं। अंत में सरकार किसी की भी हो बिहार के जान कल्याण के लिए सबसे बड़े मुद्दे एजुकेशन और हैल्थ हैं। और नतीजों के आने में अभी देर है तो बिना किसी आधिकारिक नतीजों के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं हैं। धैर्य रखें और इंतजार करे।