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चंडीगढ़ में भी आतिशबाजी पर रोक, जानिए इस बार किन राज्यों में है पटाखों पर बैन?

पटाखों पर बैन
पटाखों पर बैन

Sweety Jain- Liveakhbar Desk

कोरोना महामारी को मद्देनजर करते हुए ,चंडीगढ़ में भी पटाखों पर बैन और जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। यह फैसला यूटी प्रशासन की डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की एग्जीक्यूटिव अथॉरिटी ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत लिया गया है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की मंजूरी के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने यह फैसला लिया।

आदेश में क्या कहा –


मनोज परिदा संघ शासित क्षेत्र के सलाहकार के जारी किये गए आदेश में बताया गया है कि “ मैं एतद्द्वारा संपूर्ण संघ शसित क्षेत्र चंडीगढ़ में किसी भी प्रकार के पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश देता हूं | ” उन्होंने यह भी कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालेे पर आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी |

परिदा ने बताया है कि यह निर्देश जारी करने का कारण -पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण की वजह और कोविड-19 के प्रसार के खतरे से निपटने के लिए

पटाखों पर बैन
पटाखों पर बैन

96 लाइसेंस किए जाएगे रद , प्रक्रिया शुरू –


पटाखे बेचने के लिए 96 लाइसेंस जारी किए तो प्रतिबंध के बाद अब उन्हें रद किया जाएगा और रद करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने पटाखों पर प्रतिबंध के निर्णय का आदेश डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देते हुए जारी किया हैं। इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस पाबंदी के बाद भी अगर कोई पटाखे जलाते या बेचते पाया गया तो उस पर कार्रवाई के लिए तीनों एसडीएम और डीएसपी की ज्वाइंट कमेटी गठित की जाएगी | डीसी ऑफिस ने इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

व्यापारी हुए नाराज-


पटाखे विक्रेता हुए नाराज इस निर्णय से । उन्होंने बैन नहीं लगाने की आस रखे | प्रशासन ने पहले पटाखे खरीदने से मना किया थी, परन्तु पुराने विक्रेता उससे पहलेे ही पटाखों का स्टॉक खरीद चुके थे। यूटी क्रैकर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रतिबंध के फैसले से व्यापारियों का लाखाें रुपया डूब जाएगा।
प्रशासन को बैन की जान कारी एक महीने पहले ही यह दे दें चाहिए थी। दीपावली से सात पहले इस निर्णय का मतलब क्या है। व्यापारी पहले से लॉकडाउन की कारण घाटे में है। दिवाली पर वे दो पैसे कमाने की आस लगाए थे। परन्तु अब उनका बहुत नुकसान हो जाएगा। पटाखे ऐसी चीज है जिसका भंडारण अगले वर्ष तक नहीं किया जा सकता है। इसको रखना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में जिन लोगों ने पटाखे खरीद लिए हैं वह क्या करेगे।

कई राज्य पहले ही पटाखों पर बैन-


राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे ओर भी राज्य पहले से ही पटाखों पर रोक लगा चुके हैं। यही कारण चंडीगढ़ के लिए भी बना। चंडीगढ़ में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। मामले फिर से 24 घंटे में 100 तक पहुंच गए हैं। उसके साथ ही प्रदूषण का स्तर भी लगतार बढ़ रहा है। इन दोनों चीजोंं को देखते हुए यूटी प्रशासन ने भी पटाखे पर बैंन लगाया है।

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