January 24, 2021

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करवा चौथ 2020: जानें शुभ मुहूर्त, पूजन की विधि और पूजा की सामग्री

आज 4 नवंबर को भारतीय महिलाओं के लिए एक बहुत ही खास दिन है। आज सुहागन स्त्रियों द्वारा करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा और वे सभी अपने पति के लंबी उम्र की कामना करेंगी। अखंड सौभाग्य की प्राप्ति हेतु भी सारी सुहागन महिलाएं इसे रखती हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त

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इस साल के करवा चौथ का शुभ मुहूर्त कुल 1 घंटे 18 मिनट का है।

• शाम 5:34 से 6:52 तक शुभ मुहूर्त

• बुधवार(आज) तड़के 3:24 मिनट पर चतुर्थी लग जाएगी।

• पूजा का समय: शाम 6:04 से रात 7:19 तक

• रात 8:12 पर होगा चंद्रोदय

• सुबह 6:35 से लेकर 8:12 तक है व्रत

क्या है विधि

  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लाल रंग के कपड़े धारण करें।
  • पार्वती मां की पूजा कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करें।
  • फिर उनसे सरगी ग्रहण करने की आज्ञा लें।
  • मां पार्वती की पूजा सुहागन स्त्रियों के साथ मिलकर सूर्यास्त से पहले करें।
  • उसके बाद करवा चौथ व्रत की कथा पढ़ते वक्त हाथ में फूल और चावल अवश्य लें।
  • कथा के बाद माता पार्वती की आरती करें।
  • बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करें।
  • व्रत पूर्ण होने के बाद अपनी सास को कपड़े व मिठाई दान करें।
  • अंत में व्रत खोलें।

पूजा की सामग्री

  • कुमकुम
  • अक्षत
  • फूलों का हार
  • लाल कपड़ा
  • धूप दीपक
  • अगरबत्ती
  • छलनी
  • सेवइयां
  • पुष्प
  • फल
  • मिठाइयां
  • मट्ठी आदि

बन रहा मंगल योग

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आचार्य डॉ बालकृष्ण मिश्र के अनुसार इस वर्ष करवा चौथ के व्रत के दिन बहुत ही शुभ संयोग बन रहा है। आज के दिन सूर्य ग्रह में विद्यमान होंगे। इसलिए दोनों की युति बुधादित्य योग बना रहे हैं। दूसरे की ओर शिवयोग के साथ सप्त कीर्ति, महादीर्घायु, सौख्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहे हैं।

करवा चौथ के नियम

  • आज के दिन काले रंग के कपड़े पहन ना वर्जित माना गया है।
  • आज के दिन पूर्ण श्रृंगार और भोजन करना जरूरी है।
  • चंद्रोदय तक सभी सुहागिनों को निर्जला व्रत रखना होता है।
  • लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।

क्यों मनाते हैं करवा चौथ


प्राचीन कथाओं के अनुसार करवा नाम की स्त्री ने जब अपने पति के प्राणों की रक्षा की थी उससे चित्रगुप्त बहुत प्रसन्न हुए थे। और इसलिए उन्होंने उसे वरदान दिया कि आज की स्थिति के दिन जो भी स्त्री पूर्ण विश्वास के साथ तुम्हारा पूजन कर व्रत करेगी उसे सौभाग्य प्राप्त होगा। कार्तिक मास की चतुर्थी होने के कारण इस व्रत का नाम करवा चौथ पड़ा।