नासा द्वारा हुई चंद्रमा की सतह पर पानी की खोज

Live Akhbar Desk- Tanisha Jain

चांद पर इंसानी बस्ती बसाने के लिए वैज्ञानिक उम्मीदों‌ को और मजबूती मिल गई है , अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के चांद की सतह पर की पानी की खोज की है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, मुख्य बात यह है कि चांद की सतह पर पानी उन्हीं जगहों पर मिला है , जिन जगहों पर सूरज की किरणें पड़ती है , अर्थात पानी केवल मुख्यतः सूरज की किरणें पड़ने वाले इलाके में पाया गया है, जीससे मानव मिशनों में मिल सकती है सहायता।
2024 तक तक चांद पर मानव बस्ती बसाने की योजना बना चुका है नासा ।

पानी की खोज नासा की स्टे्टोस्फियर आॅब्जरवेटरी फाॅर इफा्रेड एस्टो्नाॅमी (सोफिया) ने किया है । बताया जा रहा है कि सोफिया ने चंद्रमा के दक्षिण गोलार्ध में स्थित , पृथ्वी से नजर आने वाले सबसे बड़े गड्ढों में से एक है ,क्लेवियस के्टर में पानी के अणु यानि H2O का पता लगाया जा चुका है। लेकिन पानी के करीबी रिश्तेदार माना जाने वाला OH की खोज अभी नहीं हो सकी है। पानी की खोज के साथ यह अनुमान लगाया गया गया है कि इसका उपयोग राकेट ईंधन के उत्पादन के लिए भी किया जा सकता है।

नासा के विज्ञान मिशन निदेशालय में एस्टो्फिजिक्स विभाग के निदेशक पाॅल हर्टज ने कहा, पहले इन बातों के संकेत थे कि चांद पर पानी मिलने कि सम्भावना अधिकतम उन जगहों पर है जहां सूरज की किरणें पड़ती है।


तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो चांद की सतह पर जितने पानी की खोज की गई है, उसकी मात्रा अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान में मौजूद पानी की तुलना में 100 गुना कम है।
पानी की खोज तो हुई परन्तु अब संभाल ये बनता है कि चंद्रमा की सतह पर पानी किस प्रकार से बन रहा है, चंद्रमा के कठोर वायुमंडलहीन वातावरण में पानी किस तरह बना रहता है ।

चांद पर मानव बस्तियां बसाने की चल रही है योजनाएं

नासा विगत वर्षों से साल 2024 में चांद की सतह पर एक पुरुष और महिला को भेजने की तैयारी में जुटा है, नासा पहली बार किसी महिला को चांद की सतह पर भेज रहा है। इस पूरी योजना में करीब 28 बिलियन डॉलर का खर्च हो सकता है , इनमें से 16 बिलियन डॉलर क खर्च चंद्र लेंडिंग माड्यूल पर खर्च किया जाएगा ।


नासा के प्रमुख जिम बि्डेंस्टाइन का कहना है कि तीन अलग-अलग परियोजना में चंद्र लेंडेर के निमार्ण करने की परियोजना है –
आर्टमिसन‌्। पहली उड़ान नवम्बर 2021को निर्धारित की गई है ,इसे मानव रहित रखा जाएगा

आर्टमिसन‌् ॥ चंद्रमा के कक्ष में अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाएगा , परन्तु यह अंतरिक्ष यात्रियों को उतारेगा नहीं

आर्टमिसन‌् ॥। अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाएगा और चंद्रमा की सतह पर उतारेगा भी।

सोफिया ने चंद्रमा को देखने के लिए एक नया साधन पेश किया है जो 45000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है । यह संशोधित बोइंग 7475p जेटलाइनर ,106 इंच , व्यास के टेलिस्कोप के साथ पृथ्वी के वायुमंडल में 99% जल वाष्प को ऊपर पहुंचाता है ताकि अवरक्त बृम्हाण का एक स्पष्ट रूपी द्रश्य दिखा सके।

अब वो दिन दूर नहीं , जिस दिन मानव चांद पर बसे
चांद पर जीवन की उम्मीद और भी मजबूत हो गई है

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