मिल्की वे एवम् ब्लैक होल की गुत्थी सुलझाने के लिए इन्हे मिला नोबेल पुरस्कार

milky way galaxy and black hole noble prize
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Rahul Raj- Liveakhbar Desk

ब्लैक होल एवम् ब्रह्माण्ड के कुछ विचित्र खोज के लिए रॅाजर पेनरोज और विशाल द्रव्यमान के कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट के खोज के लिए रेंहार्ड गेंजेल और एंड्रिया गेज को फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के सेक्रेटरी जनरल होराण हैनसन पुरस्कार का ऐलान किया।

पुरस्कार का विवरण-

इस पुरस्कार में इन सभी को एक गोल्ड मेडल एवम् 11 लाख डॉलर से भी ज़्यादा नकद राशि दी जाएगी। ब्लैक होल संबधी खोज के लिए रॅाजर पेनरोज को इनाम की आधी राशि दी जाएगी और शेष राशि रेन्हार्ड और एंड्रिया आकाशगंगा एवम् ब्रह्माण्ड के केंद्र में मौजूद विशाल दर्व्यमान के कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट की खोजबीन के लिए साझा करेंगे।

मिल्की वे का उल्लेख-

हमारे ब्रह्माण्ड में कई तरह के आकाशगंगा( गैलक्सी) है और जिस आकाशगंगा में हमारा सौर मंडल आता है उसे मिल्की वे गैलक्सी कहा जाता है। चूंकि आकाश में यह दूधिया पट्टी की तरह दिखाई पड़ती है,इसलिए इससे मिल्की वे गैलक्सी कहा जाता हैं।मिल्की वे गोलाकार के रूप में है,इसका व्यास 2 लाख प्रकाश वर्ग है।मिल्की वे में 400 अरब तारे है।

ब्लैक होल का रहस्य-

इन सभी वैज्ञानिकों ने एक टीम बनकर “सैगैतरियस – ए” नामक स्थान की पड़ताल करवाई।उन्होंने इस पथ पर सबसे सटीक एवम् चमकीले सितारों का पूर्ण अध्ययन एवम् विश्लेषण किया।इसके बाद इनकी टीम एक ऐसे निष्कर्ष पर पहुंची जिससे यह साबित हुआ की केंद्र में ऐसी एक बड़ी वस्तु है हो काफी तेज़ी से तारो को अपनी ओर खींचती है।उन्होंने यह भी आकलन किया कि इस केंद्र में 40 लाख सूर्य कि तरह द्रव्यमान वस्तु भी है।आधुनिक तकनीक एवम् विविध अध्यानो की मदद से उन्होंने ने यह साक्ष्य दिए की सौर मंडल में मौजूद यह केंद्र को ही ब्लैक होने कहा जाता है और यह काफी तेजी से तारो और दूसरे ब्राह्मण के द्रव्य वस्तु को अपनी ओर खींचती है।


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