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NEET RESULTS 2020: किस कारण आकांक्षा रही सेकंड टॉपर?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा लिए जाने वाले नीट परीक्षा पूरे देश में सितंबर महीने के 13 तारीख को सफलतापूर्वक आयोजित की गई थी।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा लिए जाने वाले नीट परीक्षा पूरे देश में सितंबर महीने के 13 तारीख को सफलतापूर्वक आयोजित की गई थी। 16 अक्टूबर को इसके नतीजे जारी किए गए और साथ ही इस वर्ष का रिजल्ट सबसे बेहतरीन रहा। चौंका देने वाली बात यह रही कि इस रिजल्ट में राउरकेला के शोएब अख्तर ने 720 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहे वहीं दूसरे स्थान पर दिल्ली की आकांक्षा ने अपनी जगह बनाई जिन्होंने भी 720 अंक प्राप्त किए हैं।

क्यों बनी दूसरी टॉपर:

16 अक्टूबर को जब एनटीए के साइट पर नीट के रिज़ल्ट घोषित किए गए तब आकांक्षा के माता-पिता को काफी खुशी हुई। उनकी बेटी ने एक ऐसा इतिहास रचा था जिसकी कल्पना भी करना मुश्किल है। दिल्ली की आकांक्षा ने शानदार प्रदर्शन तो किया लेकिन वह टॉपर नहीं बन पाई। ऐसा इसलिए क्योंकि एनटीए की टाई ब्रेकिंग पॉलिसी के अंतर्गत शोएब को इस परीक्षा के टॉपर होने का हक मिला। यह पॉलिसी कहती है कि दो परीक्षार्थियों के अंक जब बराबर होते हैं तो पहला टॉपर वही बनता है जिसकी उम्र अधिक होती है और इसी को ध्यान में रखते हुए शोएब नंबर वन की पोजीशन पर रहे, वहीं आकांक्षा दूसरे स्थान पर बरकरार रहीं।

टाई ब्रेकिंग पॉलिसी: नीट की परीक्षा में रैंकिंग का फैसला केमिस्ट्री और बायोलॉजी के नंबर के मुताबिक होता है। अगर किसी कारणवश इस रैंकिंग का निर्धारण नहीं हो पाता है तब सवालों के गलत जवाबों को ध्यान में रखकर रैंकिंग जारी की जाती है। तत्पश्चात उम्र के आधार पर इस परीक्षा की रैंकिंग का निर्धारण होता है और जो विद्यार्थी अधिक उम्र का होता है उसे प्राथमिकता दी जाती है।

पढ़ाई के लिए किया त्याग:

आकांक्षा कहती है कि पिछले दो सालों तक उन्होंने मोबाइल अपने पास नहीं रखा और आज तक वह सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म से दूर हैं। उन्होंने दिल्ली में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की और साथ ही त्योहारों के वक्त मां से भी मिलने नहीं गईं। इसी मेहनत और लगातार कोशिश से आज आकांक्षा को यह मुकाम हासिल हुआ है जिस पर पूरे देश को उस पर गर्व है। पहले उनका सपना एक आईएएस अफसर बनने का था लेकिन बाद में उनका लक्ष्य बदल कर डॉक्टर बनने का हो गया। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले की बेटी आकांक्षा सिंह अब एक न्यूरो सर्जन बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं। एनटीए के साइट पर रिजल्ट देखने के बाद आकांक्षा अपने माता-पिता और नाना के साथ आकाश इंस्टीट्यूट पहुंची और उन्होंने वहां कहां की निर्धारित विषय को तब तक पढ़ना चाहिए जब तक उसका हम गहरा अध्ययन नहीं कर लेते।

आश्चर्यजनक रहे नतीजे: इस बार की नीट परीक्षा के रिजल्ट ने सबके होश उड़ा दिए। जहां 720 अंक लाकर शोएब और आकांशा ने देश को गौरवान्वित किया है, वहीं 4 बच्चों को 715 अंक, 26 बच्चों को 705 अंक और 18 बच्चों को 708-710 अंक मिले

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