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Ram vilas paswan dies
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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन; प्रधानमंत्री ने जताया दु:ख

Garima- Liveakhbar Desk

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय संभालने वाले रामविलास पासवान का 74 साल में निधन हो गया। पिछले कई दिनों से उनकी स्वास्थ्य की स्थिति ठीक नहीं थी और वह बीमार चल रहे थे। बेटे चिराग पासवान ने ट्विटर पर ट्वीट करें इस खबर की जानकारी दी। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपनी बचपन की तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है- “पापा… अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है कि आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं”। इस तस्वीर में चिराग अपने पिता की गोद में बैठे हुए नजर आ रहे हैं।

पीएम ने जताया शोक:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामविलास पासवान के निधन पर दुख जताते हुए कहा है कि उन्होंने अपना दोस्त और सहयोगी को दिया। दुख व्यक्त करते हुए पीएम ने कहा कि वे इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। साथ ही नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह ऐसा शून्य हो गया है जिसे शायद कभी नहीं भरा जा सकेगा।

राष्ट्रपति ने किया दुख व्यक्त :

रामविलास पासवान के निधन के बाद से पूरे राजनीतिक जगत में शोक छा गया है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस खबर पर दुख जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- वह संसद में सबसे सक्रिय और लंबे समय तक सेवा करने वाले सदस्यों में से एक थे और दुबे कुचलों की आवाज थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि देश ने एक विज़नरी नेता को खो दिया है।

बनाई अपनी अलग पहचान:

बिहार के खगड़िया जिले से ताल्लुक रखने वाले रामविलास पासवान ने दिल्ली की सत्ता तक का सफर अपने संघर्ष से ही पूरा किया। छोटे इलाके से निकलकर आगे आए और हमेशा भविष्य की ओर ध्यान दिया। पहली बार वह 1969 में बिहार विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने लगभग पांच दशक तक वह बिहार के साथ-साथ देश की राजनीति में एक सक्रिय भूमिका निभाई और छाए रहे। 74 वर्षीय पासवान एक मृदुभाषी और सरल व्यक्तित्व वाले इंसान थे।

‘मौसम वैज्ञानिक’ के नाम से ख्याति:

रामविलास पासवान को ‘मौसम वैज्ञानिक’ का नाम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने दिया था। राजनीति में वह हवा के बदलते रुख़ के अनुसार अपने फैसले लेने व बदलने में माहिर थे। इसी सोच के बदौलत उन्होंने छह प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान उन सभी के साथ काम किया है।

कई मंत्रालय संभाला:

• श्रम कल्याण मंत्री – 1989
• रेल मंत्री – 1996
• संसदीय मामलों के मंत्री – 1996
• संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री – 1999
• कोयला और खदान मंत्री – 2001
• रसायन व उर्वरक, स्टील मंत्री – 2004
• उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और पीडीएस – 2014 और 2019

देश और राजनीतिक जगत को उनके निधन पर दुख है हम सभी ने एक बेहद लोकप्रिय नेता को खोया है।

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