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बाबरी विध्वंस मामला: 2300 पेज के फ़ैसले के साथ आरोपी हुए बरी

Garima- Liveakhbar Desk

राम जन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के रौनक के बीच बाबरी विध्वंस मामले में कल लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाया। जज एस के यादव ने 2300 पेज का फैसला सुनाया जिनमें कई अहम बातों का ज़िक्र है।

मुख्य आरोपी: मुरली मनोहर जोशी, लाल कृष्ण आडवाणी, महंत नृत्य गोपाल दास, उमा भारती, कल्याण सिंह, सतीश प्रधान, ऋतम्भरा आदि शामिल है। कुल 49 आरोपियों में से 17 की मौत हो चुकी है।

इसे ध्यान में रखते हुए 32 आरोपी पर मुकदमा चला और सभी बरी कर दिया गया।

28 साल पुराना केस: अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को हुए बाबरी विध्वंस मामले को 28 साल हो गए। कोर्ट ने अपना फैसला सुना आरोपियों को तो बरी कर दिया लेकिन इस केस की विपक्ष की दलीलें उच्चतम न्यायलायों तक पहुँचेगी।

पर्याप्त साक्ष्य नहीं:

अदालत ने कहा की फोटो, वीडियो आरोप सिद्ध करने में सक्षम नहीं। इसके अलावा जाँच एजेंसी ने जो सबूत पेश किए, इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की जा सकती।
लगा जय श्री राम का नारा: आरोप मुक्त होने पर आडवाणी ने जय श्री राम का नारा लगाया और साथ ही पार्टी की राम जन्मभूमि आन्दोलन को लेकर समर्पण को सही बताया। योगी आदित्यनाथ ने सत्यमेव जयते कहते हुए इस फैसले पर ख़ुशी जताई।

आरएसएस और विहिप ने फैसले को सत्य की जीत बताई और इक़बाल अंसारी ने मुस्लिमों से भी इसे मानने की अपील की।

विपक्ष की प्रतिक्रिया: बाबरी मस्ज़िद एक्शन कमेटी के संयोजक और ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने अपनी विचार रखते हुए कहा कि वो कोर्ट के फैसले से बिल्कुल ही संतुष्ट नहीं हैं और हाई कोर्ट जाएंगे। साथ ही सीबीआई से भी दोबारा जांच की अपील करेंगे।

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