US Presidential Election 2020:- अमेरिका के ये खास राज्य पलट देते हैं चुनावी बाज़ी !

अमेरिका चुनाव 2020:- क्या फिर से बाज़ी सर्विंग स्टेट पलट देंगे ?

Tanisha Jain

(LiveAkhbar Desk)

अमेरिकी राष्ट्रपति की कुर्सी न केवल एक सियासी मामला या राजनैतिक लड़ाई है , बल्कि ये कुर्सी तय करती है कि अगले चार साल तक दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान कौन होगा , किस के हाथों में होगी सत्ता की चाबी, कौन होगा जो एक सुपर पावर देश पर राज करेगा। ताकत और सत्ता पाने की इस जंग में डोनाल्ड ट्रंप और जो बिडेन दोनों ही ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। लेकिन इस जंग में उनकी किस्मत का फैसला कुछ खास राज्यों के आम नागरिक करेंगे।

अमेरिका के चुनाव शुरू होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं। इस वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जो बिडेन ऐसे राज्यों में अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं , जहां से आने वाला एक – एक वोट चुनाव के नतीजों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, राष्ट्रपति बनने के लिए इन राज्यों में अपनी जीत का पर्चा लहराना बेहद जरूरी जिन्हें स्विगं स्टेटस कहा जाता है यानी कुछ ऐसे राज्य जहां मतदाताओं की रूचि आखरी वक्त तक स्पष्ट नहीं होती कि वे किसके समर्थन में है एसे राज्यों को सर्विंग स्टेट की श्रेणी में रखा जाता है।

क्यों किया जाता है सर्विंग स्टेट में सबसे ज्यादा चुनाव-प्रचार ?

अमेरिका के स्विंग स्टेट्स

बेटल ग्राउंड नाम से कहे जाने वाले ये राज्य ही तय करेंगे कि वाईट हाउस के दरवाजे किस के लिए खुलेंगे। अमेरिका में पचास से ज्यादा राज्य ऐसे हैं जो किसी एक पार्टी का स्पष्ट रूप से समर्थन करते हैं । इन राज्यों में मतदान का अंदाजा लगाया जा सकता है लेकिन सर्विंग स्टेट में अंदाज लगाना काफी मुश्किल होता है, और इन्हीं राज्यों के मत से तय होता है कि राष्ट्रपति कौन होगा, इस वजह से राष्ट्रपति चुनाव केम्पेन में सर्विंग स्टेट में सबसे ज्यादा समय और पैसा लगाया जाता है ।

कौन-कौन से राज्य हैं सर्विंग स्टेट में शामिल ?

अगर इलेक्टोरल वोट को ध्यान में रखकर देखा जाए तो अमेरिका के बड़े सर्विंग स्टेट में से एक है फ्लोरिडा , पिछले साल चुनाव में यहां जिन लोगों ने ट्रंप को जीत दिलाई थी वही सर्वे के हिसाब से इस बार ट्रंप के खिलाफ नजर आ रहे हैं, लेकिन सर्वे पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सर्विंग स्टेट में से एक है। बाज़ी कभी भी पलट सकती है।

पिछले चुनाव में मिशिगिन उन राज्यों में से एक था जहां के मतदाताओं ने चुनाव का रूख ही बदल कर रख दिया था । ऐसे ही कई राज्य थे , विस्काॅन्सिल और पेनसिल्वेनिया जो ट्रंप को जीत की तरफ ले गए। अगर ट्रंप को सरकार बनाना है तो इन राज्यों में फिर से जीत हासिल करनी होगी। एरिजोना और नार्थ कैरोलाइना बड़े राज्यों में से गिने जाते हैं जहां मुकाबला टक्कर का होता है, ऐसे में इन राज्यों की भूमिका अहम होती है। आहयो और आयोवा में ट्रंप और जो बिडिन के बीच बराबरी नजर आ रही है , यहां पर टक्कर कांटे की है।

टेक्सस अमेरिका का दूसरा सबसे ज्यादा अबादी वाला राज्य है, जहां पर करीबन 3 करोड़ लोग रहते हैं , पिछले चुनाव में यहां पर ट्रंप ने 52 फीसदी वोटों से जीत दर्ज की थी । यहां पर 1976 से पिछले चुनाव तक कोई भी डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार नहीं जीता , टेक्सस को परम्परागत रूप से रिपब्लिकनस का गढ़ माना जाता है , परन्तु इस बार इस स्टेट में तस्वीरें कुछ और ही नजर आ रही है। इस स्टेट को भी उन राज्यों की लिस्ट में शामिल किया गया है जो सर्विंग स्टेट है, कारण यह बताया जा रहा है कि पिछले कुछ चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों लगातार हार का अंतर कम किया है। कहा जा रहा है कि जिस पार्टी ने इन राज्यों में जीत दर्ज की तो उसे वाईट हाउस की चाबी सौंपी जाएगी।

चुनावी माहौल में अमेरिका से राजनीति और सियासी खबरें सामने आ रही है , जानना दिलचस्प होगा कि कौन होगा अमेरिका का राष्ट्रपति ?

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