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आज ही के दिन 7 बम ब्लास्ट से देहल गया था मुंबई शहर

14 साल पहले, इस दिन, भारत की  वित्तीय राजधानी- मुंबई में सीरियल ट्रेन बम विस्फोट हुए थे। इस घटना ने देश को हिला कर रख दिया क्योंकि मुंबई की पश्चिमी लाइन में सात आरडीएक्स बम ब्लास्ट हुए और इन लोकल ट्रेनों में सफर कर रहे 189 की मृत्यु हो गयी थी और 800 से अधिक घायल हुए थे। बम धमाके के पांच साल बाद, कमल अहमद अंसारी, मोहम्मद फैसल शेख, एहतेशाम सिद्दीकी, नावेद हुसैन खान और आसिफ खान को मौत की सजा सुनाई गई।

बाकी से सात लोग,तनवीर अहमद अंसारी, मोहम्मद माजिद शफी, शेख आलम शेख, मोहम्मद साजिद अंसारी, मुज़म्मिल शेख, सोहिल महमूद शेख और ज़मीर अहमद शेख को आजीवन कारावास दिया गया था। 
 आइये जानते है की कैसे इन आतंकवादियों ने मुंबई में लगातार 7 बम ब्लास्ट किये और मुंबई की रूह काँप गयी

दोषियों ने प्रेशर कुकर में बमों के साथ अलग-अलग टैक्सियों में यात्रा की और उत्तरी दिशा में सभी सात स्थानीय ट्रेनों के फर्स्ट क्लास डिब्बों में बम लगाए। समय का चयन सावधानी से किया गया और पीक ऑवर्स को चुना गया जिस समय लोकल ट्रैन लोगो से खचाखच भरी रहती है, ताकि वे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को इसकी चपेट में ले सके। पहला बम चर्चगेट से बोरिवली तक चलने वाली उपनगरीय ट्रेन में शाम करीब 6:23 बजे फटा। 11 मिनट के अंतराल में माटुंगा रोड, माहिम, बांद्रा, खार रोड, जोगेश्वरी, बोरीवली और मीरा रोड स्टेशनों पर चर्चगेट और भायंदर स्टेशन के बीच बम विस्फोट हुआ, जिसमें 189 लोग मारे गए और लगभग 800 घायल हो गए।

इस साजिश के पीछे थे पाकिस्तानियो का हाथ 

आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा दायर आरोप पत्र के अनुसार, कहानी इस प्रकार है:
प्रतिबंधित छात्रों के इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया के सदस्य विस्फोट के मुख्य साजिशकर्ता थे और कुछ पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल थे। चार्जशीट में कहा गया है कि मोहम्मद माजिद शफी ने बांग्लादेश और नेपाल सीमा के माध्यम से भारत में पाकिस्तानी नागरिकों को ले जाने और विस्फोटों के बाद वापस जाने की व्यवस्था की थी। साजिशकर्ताओं ने पाकिस्तान में इस  ऑपरेशन की ट्रेनिंग ली थी।
मोहम्मद फैसल शेख, मुख्य साजिशकर्ता, लश्कर-ए-तैयबा के बॉम्बे प्रमुख थे और बम विस्फोटों को अंजाम देने के लिए हवाला के जरिए उसे पैसा मिलता था।  उन्होंने स्थानीय ट्रेनों और अन्य महत्वपूर्ण इमारतों जैसे विश्व व्यापार केंद्र, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, महालक्ष्मी मंदिर, सिद्धिविनायक मंदिर का अच्छे से सर्वे  किया। आखिर में उसने बम विस्फोट मुंबई की लोकल ट्रैन में किया क्यूंकि बाकी अन्य जगाहों पर कड़क सुरक्षा थी। उन्हें पता था की मुंबई की लोकल ट्रेंस में वे आधी जनता को चपेट में ले लेंगे। 
गोविंदी में शेख आलम के घर पर बम बनाए गए थे। मोहम्मद साजिद अंसारी ने बिजली के सर्किट को इकट्ठा किया, जिसका इस्तेमाल बमों को ट्रिगर करने के लिए किया गया था।

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