Pop Culture Hub

Pop Buzz

क्या भारत बनेगा कोरोना का अगला ग्लोबल हॉटस्पॉट?

कोरोनोवायरस ने भारत में धीरे-धीरे पकड़ बना ली है, लेकिन इसके पहले भारत मे कोरोना के केस काफी कम दर से बढ़ रहे थे। लेकिन अब भारत ने कोरोना के मामले में रूस को पीछे छोड़कर विश्व मे तीसरे नंबर पर अपना स्थान बना लिया है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी के साथ, जिसमें से अधिकांश शहरो में रहते हैं, देश कब वैश्विक हॉटस्पॉट बन जायेगा उसकी हमे भनक भी नही लगेगी।
भारत मे कोरोना वायरस के बारे में यह कुछ बाते निकल कर सामने आती है-

1.  तेज़ी से बढ़ रहे है कोरोना मामले
भारत ने हाल ही मे कोरोना काफी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें रोज़ाना हजारों मामले शामिल होते हैं। जून मे भारत मे कोरोना के अधिकांश मामले दर्ज हुए है। यह एक कठोर लॉकडाउन के बाद फिर से खोलने के हफ्तों के भीतर ही हुआ। 8 जुलाई तक, भारत में 742,417 मामलों की पुष्टि हुई। लेकिन वायरलॉजिस्ट शाहिद जमील के मुताबिक, आबादी में संक्रमण दर का सही स्तर स्पष्ट नहीं है।
2. भारत नही कर रहा है पर्याप्त कोरोना टेस्ट
भारत में हो रहे कोरोना टेस्ट की अगर बात करे तो टोटल नम्बर में यह सही है लेकिन यह प्रति व्यक्ति के संदर्भ में  काफी कम है। दुनिया में प्रति व्यक्ति भारत की तुलना में तीन गुना अधिक मामले हैं । लेकिन, डॉ. जमील के अनुसार, भारत का प्रति व्यक्ति कोरोना टेस्ट केवल इसलिए कम है क्योंकि यह इतना कम परीक्षण किया जा रहा है। अगर भारत देश की तुलना किसी अन्य देश से की जाए तो भारत में परीक्षण का दर सबसे कम है।
3. भारत का रिकवरी रेट है आशाजनक
डेटा से पता चलता है कि भारत में जिन लोगों में वायरस की पुष्टि हुई है, वे इससे तेजी से ठीक हो रहे हैं। वर्तमान में, रिकवरी की तुलना में मौतें धीरे-धीरे बढ़ रही हैं – लेकिन अगर यह दर तेज होती है, तो इससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ जाएगा, संभवतः मौतें बढ़ सकती हैं। भारत मे हो रहे टेस्ट की संख्या काफी कम है जिस कारण यह पता नही चल पा रहा कि रिकवरी रेट कम है या कोरोना संक्रमितों का पता ही नही चल रहा।
4. देश का मृत्यु दर है कम
भारत ने अब तक कोविड-19 से लगभग 20,160 मौतें दर्ज की हैं। यह दुनिया की आठवी सबसे बड़ी टैली है। लेकिन प्रति मिलियन आबादी में यह कम है। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के एक अर्थशास्त्री और वरिष्ठ साथी, शमिका रवि ने कहा, “यह पश्चिमी यूरोप में आप जो देख रहे हैं उसका एक अंश है।” 
भारत के कोविड -19 की मौत के आंकड़ों के आसपास बहुत सारे सवाल हैं, और अधिकांश विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि उनके कम होने की संभावना है। लेकिन डॉ. रवि ने कहा कि भारत और यूरोप के बीच मृत्यु दर में महत्वपूर्ण अंतर को स्पष्ट नहीं किया है।
इसलिए बताया जा रहा है कि अगर देश मे टेस्ट की संख्या बढ़ती है तो भारत जल्द ही दुनिया का ग्लोबल हॉटस्पॉट बन जायेगा।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *

DMCA.com Protection Status