January 22, 2021

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US ने औपचारिक तौर से तोड़े WHO से सभी रिश्ते

ट्रम्प प्रशासन ने संयुक्त राज्य अमेरिका को विश्व स्वास्थ्य संगठन से औपचारिक तौर पर रिश्ते तोड़ने का एलान कर दिया है।अधिकारियों ने कहा, कोरोनोवायरस महामारी के बीच हम वैश्विक स्वास्थ्य संगठन के साथ संबंध तोड़ रहे है।
अमेरिका ने WHO पर चीन के साथ कोरोना में साइडिंग करने आरोप लगाया है। कोरोना की उत्पत्ति चीनी शहर वुहान में पिछले साल के अंत मे हुई थी। उन्होंने यह आरोप लगाया है कि WHO ने दुनिया को गुमराह किया, जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक स्तर पर लगभग डेढ़ लाख लोग मारे गए, जिनमें 1,30,000 से अधिक लोग अमेरिका के शामिल थे।

अप्रैल में, अमेरिका ने डब्लूएचओ को फंड देना बंद कर दिया था क्योंकि ट्रम्प प्रशासन WHO पर भरोसा नही कर पा रहा था और उनके साथ रिश्तों की समीक्षा कर रहा था।
एक महीने बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिका रिश्ते को समाप्त कर रहा है। 
US विश्व स्वास्थ्य संगठन को सबसे ज़्यादा फंड प्रदान करता है। प्रति वर्ष अमेरिका USD450 मिलियन से अधिक का योगदान करता है, जबकि WHO में चीन का योगदान अमेरिका के दसवें हिस्से के बराबर भी नही है।

 “मैं कह सकता हूं कि 6 जुलाई 2020 को, संयुक्त राज्य अमेरिका ने महासचिव को अधिसूचित किया, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के 1946 के संविधान के डिपॉजिट के रूप में, विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपनी वापसी के 6 जुलाई 2021 को प्रभावी था।” एक बयान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा


एक साल पहले देनी पड़ती है नोटिस
WHO से अलग होने के लिए US ने संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी को दस्तावेज़ सौंप दिए है। WHO से अलग होने के नियम के मुताबिक अमेरिका को एक साल पहले सूचना देनी पड़ेगी तभी वह अलग हो पाएंगे। इस लिये 6 जुलाई 2021 से पहले वह अलग नही हो पाएंगे। इसलिए यह भी हो सकता है की इस बीच US अपना फैसला बदल दे।