39 के हुए धोनी , लेकिन किसी युवा से कम नहीं।

23 दिसंबर 2004 को चटगांव में कंधे तक लटकते लंबे लंबे बाल लिए 23 साल के लड़के को देखकर पूरी दुनिया चौंक गई। झारखंड के मैदानों पर लंबे लंबे छक्के लगाने वाला यह बल्लेबाज  आकर्षण का केंद्र बन चुका था। पर सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरा यह बल्लेबाज बिना खाता खोले ही आउट हो गया। और अपने अगले तीन मैचों में कुछ खास ना कर सका। इसके बाद अपना पांचवा मैच विशाखापट्टनम में खेल रहे इस खिलाड़ी ने पाकिस्तान के खिलाफ 123 गेंदों में 148 रन बनाकर भारतीय टीम में अपनी जगह को पक्का किया। वो खिलाड़ी था , महेंद्र सिंह धोनी।
आज धोनी 39 साल के हो चुके हैं इस वक्त तक लगभग हर खिलाड़ी रिटायरमेंट ले लेता है , क्योंकि उसका शरीर बूढ़ा होने लगता है और वह थकने लगता है। लेकिन धोनी उम्र के साथ-साथ और चुस्त होते जा रहे हैं , उनके खेल से उनकी उम्र का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता , दौड़ने में तो वे किसी 20 साल की युवा को भी मात दे देंगे।
अगर सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत में लड़ना सिखा तो धोनी की कप्तानी में जितना। शायद यही कारण रहा धोनी भारतीय टीम के सबसे सफल और विश्व के दूसरे सबसे सफल कप्तान बने।
उनकी कप्तानी में भारत ने आईसीसी की हर ट्रॉफी पर कब्जा किया और यह सिलसिला शुरू हुआ 2007 टी20 विश्व कप से , जहां भारतीय क्रिकेट के हर बड़े दिग्गज ने टी-20 खेलने से मना कर दिया वही धोनी को विश्व कप टीम का कप्तान बनाया गया और कप्तानी के पहले इम्तिहान में धोनी खरे उतरे।
 2009 में धोनी ने भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व की नंबर 1 टीम का खिताब दिलवाया। 
अब बारी थी 2011 विश्व कप की जिसकी मेजबानी भारत कर रहा था, सबकी नजरें भारतीय टीम पर थी कि 28 सालों की इस भूख को क्या भारतीय टीम पूरा कर पाएगी?
और फिर हुआ भी कुछ ऐसा ही , महेंद्र सिंह धोनी का वह शॉट आज भी हर भारतीय के दिल में बसा हुआ है जिस शॉट से उन्होंने भारत को विश्व कप जिताया था ,
जिसका सपना करोड़ों भारतीय और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने देखा था।
इस वक्त तक धोनी विश्व क्रिकेट की हर बुलंदी को छू चुके थे।बस कमी थी तो सिर्फ एक चैंपियंस ट्रॉफी की जिसे उन्होंने और उनकी टीम ने 2013 में हासिल कर लिया। 
धोनी विश्व के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिसने आईसीसी की हर ट्रॉफी पर कब्जा किया है।उसके बाद भी धोनी ने भारत को कई द्विपक्षीय श्रृंखलाएं और टूर्नामेंट जिताए। 
फिर दिन आया 30 दिसंबर 2014 का , जब धोनी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। 2015 विश्व कप में भारत को सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और 2016 में धोनी ने रंगीन कपड़ों की कप्तानी छोड़ दी और विराट को कप्तान के रूप में चुना गया। 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। 
अब भारत की नजरें थी 2019 विश्वकप पर जहां वह धोनी को एक विश्व विजेता के रूप में विदा करना चाहते थे मगर हुआ कुछ अलग ही 9 जुलाई 2019 भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में मुंह की खानी पड़ी और भारत के लाखों करोड़ों फैंस का और महेंद्र सिंह धोनी का विश्व विजेता बनने का सपना टूट गया। 
लगभग 1 साल का समय बीत चुका है लेकिन इस दिग्गज को अब तक क्रिकेट खेलते नहीं देखा गया उम्मीद है कि इस टी20 विश्व कप में वे खेलते हुए नजर आएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

DMCA.com Protection Status