Connect with us

Hi, what are you looking for?

Release Dates

जानिए गलवान घाटी का पिछले दो महीने का पूरा घटनाक्रम

भारत और चीन के बीच पिछले दो महीनों से लगातार गलवं घाटी का सीमा विवाद जारी है।आखिर में चीन को पीछे हटना ही पड़ा।भारतीय सेना के पराक्रम और दबाव से चीनी सीमा पीछे हटने लगी है और भारत भी अपने स्थान पर पीछे आने लगा है।
समाचार एजेंसी ANI द्वारा बतलाया गया की काफी घण्टो तक चली बैठक के बाद चीन पीछे हट रहा है।चीनी सेना फिंगर 4 से 1-2 किलोमीटर पीछे हटने लगा है ।यह वही इलाका है जहां दोनों सेनाओं के बीच झड़प हुई थी।आपको बताते है पिछले दो महीनों में घटित घटनाएं-
  •  भारत और चीन के बीच तनाव अप्रैल के अंत से ही पेंग्कोंग लेक पर शुरू हुआ था।
  •   दोनों सेना के कई सैनिक 5-6 मई को हुई पेंग्कोंग लेक पर झड़प मंजन घायल हुए।
  • उत्तरी सिक्किम की सीमा पर चीन और भारत में 9 मई को झड़प हुई थी जिसे सैन्य सिर की बैठक करके सुलझाया गया था।हालांकि इस झड़प मै भी दोनों तरफ से सैनिक घायल हुए थे।
  • भारत के सुखोई लड़ाकू विमान ने 12 मई को चीन के विमानों के खदेड़ा जब वो LAC पर उड़ान के द्वारा पेट्रोललिंग करते नज़र आये।इन्ही सब के बीच चीन ने गलवान घाटी पर कब्ज़ा जमा होगये जिन्हें भारतीय सेना ने मुहतोड़ जवाब दिया था।
  • सेना के प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने  23 मई को लेह का दौरा करके जायजा लिया था।दोनों सेनाओं के बीच तनाव 25 मई से पेंग्कोंग और गलवान वैली के उपर बढ़ा था।
  • प्रधान मंत्री मोदी ने तनाव को लवकर 26 मई को बैठक करी थी जिसमे अजित डोवाल सहित तीनो सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे।चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने भी 26 मई को सेना को युद्ध की तैयारी के दिशा निर्देश जारी किये थे।
  • 2 जून को विवादों को सुलझाने के लिए सैन्य प्रमुखों की बैठक हुई थी।
  • 6 जून को फिरसे लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन के मेजर जनरल लियू लीन की बैठक हुई थी।
  • भारत चीन की सैन्य वार्ता के वक़्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनो सेनाओं के प्रमुख और सीडीएस बिपिन रावत के साथ बैठक की थी।
  • 13 जून को सेना प्रमुख नरवणे द्वारा सीमा पर सब कुछ नियंत्रण है उसका बयान सामने आया।
  • 15 जून को चीनी सैनिकों ने गलकन वैली ओर हमला किया जिसने हमारे देश के 20 जवानों ने बलिदान दे दिया।
  • 23 जून को नरवणे ने सीमा का दौर किया और 30 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बैठक हुई।
  • रक्षा मंत्री का लेह की सीमा ओर दौरा 2 जुलाई को रदद् कर दिया गया।
  • 3 जुलाई को अचानक प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी लेह में जवानों का हौसला बढ़ाने पहुंचे।उनके साथ बिपिन रावत मौजूद थे।

Avatar
Written By

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

Want updates of New Shows?    Yes No