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सेक्स, गाली और धर्म, क्या यही तीन मूलमंत्र है वेब सीरीज को हिट कराने के?

आज कल भारतीय सिनेमा नया रुख ले रहा है। कहते है ना परिवर्तन ही संसार का नियम है। तो इसी तरह फिल्म से अब लोग वेब सीरीज की ओर जा रहे है। फिल्मों से ज्यादा अब उन्हें वेब सीरीज में दिलचस्पी मिल रही है। 

इस बदलाव के कई कारण हो सकते है। फिल्मों से ज्यादा वेब सीरीज के कंटेंट ज़रा हटके होते है। फिल्मों के जैसे उसमें ग्लैमर से भरी दुनिया को नहीं दिखाया जाता, बल्कि ठीक उसके विपरीत असल ज़िन्दगी में होने वाली घटनाओं को बारीकी से दिखाया जाता है।
लेकिन अब भारतीय वेब सीरीज जिस तरफ अपना रुख ले रही है, वो जानकर शायद आप हैरान हो सकते हैं।
ऐसा लगता है कि आज के समय में किसी भी वेब सीरीज को हिट कराने के तीन मूलमंत्र हो गए है।
इनमें आते है – सेक्स, गाली और धर्म
चलिए इन्हें विस्तार से समझते हैं।
पहला मूलमंत्र है सेक्स, जी हां। फिल्मों में और वेब सीरीज में जो इंटीमेट सीन्स दिखाए जाते है, दोनों एकदम अलग हैं। क्यूंकि फिल्मों की तरह उन सीन्स पर सेंसर नहीं लगाया जा सकता तो वेब सीरीज में इंटीमेट सीन्स के नाम पर अब्यूजिव सेक्स दिखाए जाते है, जिससे उनकी सीरीज हिट हो सके या लाइमलाइट में आ सके। साथ ही बलात्कार जैसे घोर अपराध को भी फिल्माया जाता है।
उदहारण ले लीजिए एकता कपूर की अल्ट्ट बालाजी की विवादित सीरीज XXX, गंदी बात या फिर बेकाबू जिसमें वेब सीरीज के नाम पर आपको सिर्फ सेक्स देखने को मिलेगा। या फिर हालिया रिलीज सीरीज बुलबुल के बलात्कार के सीन्स हो।

दूसरा मूलमंत्र है गालियां। चाहे मिर्ज़ापुर हो या सैक्रेड गेम्स गालियां सुनकर लोग काफी खुश होते है। खुश होने का एक कारण ये भी ही सकता है कि या तो लोगों ने कभी ऐसी गालियां नहीं सुनी और अगर सुनी भी हो तो सिर्फ अपने करीबी दोस्तों में बोलते हो। और उनके लिए खुलेआम बिना किसी रोक टोक के इस तरह की गालियां सुनना मज़े की बात हो सकती है। ये मज़े दिलाने वाली बातें ही वेब सीरीज को हिट कराती हैं।

तीसरा मूलमंत्र है धर्म। धर्म के खिलाफ कुछ बोलना या दो धर्मो को आपस में लड़वाना या फिर धर्म को गाली देना, ये वेब सीरीज में होना ही चाहिए। या तो आप हिन्दू धर्म के बारे में कुछ बोलते हो या फिर मुस्लिम धर्म में जिहाद के नाम पर आतंकवाद की कहानी बना डालते हो।
उदहारण अनुष्का शर्मा के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी वेब सीरीज “पाताल लोक“, जिसमें राम मंदिर निर्माण के मसले के नाम पर हिन्दू मुस्लिम धर्म के लोगों को झगड़ा करते दिखाया गया। जबकि उस सीरीज में इस सीन की कोई खास जरूरत भी नहीं थी।

सीन कुछ यूं था कि – “अयोध्या स्टेशन पर ट्रेन खड़ी रहती है जिसमें हिन्दू मुस्लिम धर्म के दो परिवार आमने सामने वाली सीट पर बैठे रहते हैं। मुस्लिम वर्ग का परिवार अपने खाने में मांस निकाल कर खाता है, जिससे हिन्दू वर्ग के परिवार को दिक्कत होती है और मांस की महक सूंघ कर उनके परिवार की एक औरत उल्टी करने लगती है, इसपर मुस्लिम वर्ग का एक आदमी इंसानियत के खातिर उसे पानी पीने को देता है, जिसे वो औरत फेक देती है क्योंंकि एक मुसलमां ने उसी पानी पीने को दिया। 
इसपर स्टेशन पर “राम मंदिर वही बनाएंगे” का नारा लगाने वाले लोग उस मुसलमां को और उसके बेटे को मारना शुरू कर देते है और नतीजा ये हुआ कि उसका बेटा मर जाता है।”
अब भले असल ज़िन्दगी में ऐसा हुआ हो या ना, लेकिन वेब सीरीज में ऐसा दिखा कर, दो धर्मों के बीच मनमुटाव को और बढ़ावा दिया गया है।
तो आपके इस बारे में क्या विचार है, क्या आपको कभी महसूस हुआ है कि अधिकतर किसी भी चर्चित वेब सीरीज में इन तीनों मूलमंत्र का उपयोग किया गया है?? और अगर किया गया है तो सीरीज की कहानी से ज्यादा इन्हीं तीनों पर पुरी सीरीज को फिल्माया गया है।
अपनी राय कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताए।

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