Connect with us

Hi, what are you looking for?

Anime

देशवासियों! जॉर्ड फ़्लॉयड की हत्या पर विरोध, जयराज और बेनिक्स की मौत पर चुप्पी क्यों?

आप सभी को अब तक जयराज और बेनिक्स की मौत के बारे में तो पता ही चल गया होगा। किसी ने इसे न्यूज़ में पढ़ा होगा,किसी ने सोशल मीडिया तो किसी ने अपने दोस्तों से इस गंभीर घटना के बारे में सुना होगा।  जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन हुए लेकिन जयराज और बेनिक्स के साथ क्या गुज़री उसपर कोई तवज़्ज़ू नहीं दे रहा। चलिए सबसे पहले आपको बताये की कैसे हुई यह दर्दनाक मौत 

कैसे हुई यह हत्या ?

Thoothukudi के साथानकुलम के रहने वाले जयराज और बेनिक्स पुत्र और बेटे थे जिनकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गयी। उनकी गलती यह थी की लॉकडाउन में पिता जयराज ने दुकान  9 बजने के बाद तक खोल रखी थी और बेटे बेनिक्स की गलती यह थी की वह अपने पिता को छुड़ाने उनके पीछे पुलिस स्टेशन चला गया था। इसके बाद क्या होना था? पुलिस ने इन दोनों को टार्चर किया। दोनों के घुटने फोड़ दिए, इनके प्राइवेट पार्ट्स को बुरी तरह ज़ख़्मी कर दिया और इनके साथ डंडो की मदद से एनल रेप भी किया। इतने ज़्यादा ज़ख़्मी होने के बावजूद भी सरकारी डॉक्टर ने इन्हे फिट घोषित किया और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने इन्हे जेल में डालने को भी कह दिया। इतना टॉर्चर होने के बावजूद भी इन्हे ज़ख़्मी हालत में जेल में रखा गया। 

क्या कहती है इनकी FIR ?


19 जून को यह हादसा हुआ और जयराज का बेटा बेनिक्स उन्हें छुड़ाने के लिए पुलिस के पास पहुंचा। बेटे को काफी टॉर्चर किया और एक दिन तक दोनों को मिलने नहीं दिया। बेनिक्स के आये दोस्तों को वापस घर भेज दिया। आपको यह जानकर हैरानी होगी की पुलिस ने अपनी FIR में क्या लिखा ? तो सुनिए पुलिस का कहना है कि दोनों बाप-बेटे ने दुकान बंद करने के आदेश को अनसुना किया था और पुलिस को गालियां और जान से मारने की धमकी दी थी।  यहीं नहीं पुलिस ने दोनों पर जो FIR दर्ज की है उसमें कहा गया कि दोनों ज़मीन पर लोटने लगे, जिनसे उन्हें इंटर्नल इंजरी हुई।बेनिक्स के दोस्तों ने बताया की उन्होंने पुलिस वालो को टार्चर करते हुए बाहर से सुना। 
 The news minute की एक रिपोर्ट ने बताया की जयराज और बेनिक्स के बेल की अपील करने वाले वकील मणिमरन ने बातचीत में बताया की उन्हें इतना ज़्यादा टार्चर किया गया की उन्हें 6 बार कपड़े बदलने पड़े, क्यूंकि हर कपड़ा खून में हो जाता था। 

दोनों की हो गयी मौत 

22 जून को कोविलपट्टी सरकारी अस्पताल में बेनिक्स ने सीने में दर्द की शिकायत के बाद दम तोड़ दिया और 23 जून को सुबह जयराज ने भी आख़िरी सांसें ली। ग़ौरतलब है कि इस पूरे मामले में 2 सब इंस्पेक्टर को सिर्फ़ सस्पेंड किया गया है। पुलिस महकमे पर कोई FIR नहीं हुई है। 

अब करते है एक दूसरी घटना की बात 


आप सभी ने जॉर्ज फ्लॉयड जो एक अफ़्रीकी अमेरिकी था उसके साथ हुई घटना के बारे में ज़रूर सुना होगा। जॉर्ज फ़्लॉयड की गर्दन पर एक पुलिसवाले ने घुटना रखा और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।  इसके बाद ही अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में Black Lives Matter की आवाज़ें बुलंद हो गई। कोविड-19 के कारण सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने की नसीहतें न मानते हुए लाखों लोग फ़्लॉयड को इंसाफ़ दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे।  भारत में भी सेलिब्रिटीज और आम लोग इस बात पर बढ़ चढ़ कर बोल रहे है, बोलना भी चाहिए। 

क्यों दोनों घटनाओं पर लोग एक जैसे नहीं है…….

दोनों घटनाएं एक ही दिशा में इशारा करती हैं, पुलिस बर्बरता की दिशा में. जहां एक शख़्स की मौत का कारण कहीं न कहीं उसके देह का रंग था दूसरे केस में मौत की वजह अब तक नहीं पता चली है। जहां एक केस में दुनिया भर ने आवाज़ उठाया, वहीं अपने ही देश में पुलिस कस्टडी में हुए रूह कंपाने वाली मौत पर हम सब मौन साधे बैठे हैं। 
एक हस्ता खेलता परिवार नष्ट हो गया है। और यह बात समझ लीजिये की पुलिस बर्बरता से हुई मौत के यह आखरी खिलाडी नहीं है, यह नहीं खत्म होगा। जो लोग फिल्म में पुलिस की बर्बरता को देख तालियां बजाते थे वे आज चुप्पी साधे बैठे है। न हम कुछ कर रहे है और न हमे इस बात से कोई फर्क पड़ रहा है। यह पुलिस बर्बरता की कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले कई हुई है और कई होती रहेंगी। कुछ दिन बस चीज़ें ट्रेंड में रहेंगी, ट्विटर में लोग हैशटैग से नारे लगाएंगे और अपने स्टेटस में उनकी फोटो डालेंगे। कुछ दिनों बाद फिर एक नयी घटना होगी और हम जयराज और बेनिक्स जैसे कई मासूमो को भूलते जाएंगे। 

बात करिये ,समझिये और सोचिये , जयराज और बेनिक्स आखरी नहीं होंगे !!!!!

Avatar
Written By

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

Want updates of New Shows?    Yes No