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आदिवासी कारीगरों के लिए सुखद खबर,उत्पाद बेचना हुआ आसान

प्रवीर कृष्ण द ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया या ट्राइफेड ( TRIFED) के प्रबन्ध निदेशक ने बतलाया- आने वाले स्वतंत्रता दिवस पर ट्राइब्स इंडिया ई-मार्ट वेबसाइट लांच की जाएगी।ऐमज़ॉन,फ्लिपकार्ट इत्यादि जैसी बड़ी बड़ी कंपनियों जैसे यह भी अपने उत्पादों का ई मार्केट के ज़रिए अपने सभी उत्पाद बेच सकेंगे।पर यह वेबसाइट मुख्य रूप से आदिवासियों के लिए ही बनाई जा रही है।
साल 1987 में सरकार द्वारा आदिवासी उत्पादों को उनका उचित मूल्य प्रदान हो इसलिए जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ की स्थापना की गयी थी।केंदीय जनजातीय मंत्रालय के अंतर्गत यह महासंघ की देखरेख की जाती है।
कारीगरों को प्रशिक्षण के बाद उनका पंजिकृत इस साइट पर किया जाएगा।प्रशिक्षण सरकारी केंद्र TRIFED के अंतर्गत कार्यालयों में दिया जाएगा।30 जुलाई तक 5 हज़ार करीगरों के साथ इसकी शुरुआत की जाएगी।
कारीगरों की पेमेंट की प्रक्रिया-
हर 100 रुपये में 70 रूपए कारीगर के बैंक एकाउंट में जमा किये जाएंगे।इसका मुख्य उद्देश्य कारीगरों के उत्पादों का गलत मुख्य में बड़े बड़े शहरों में उत्पादों को 10 गुना मूल्य बढ़ाकर बेच जाता है इससे कारीगरों के उत्पादों की कला का अपमान होता है।ग्राहक के अधिकारों का उल्लंघन न हो और उत्पादों के मूल्यों की पारदर्शिता पूरे देश भर में समान रहे इसलिए यह वेबसाइट शुरू की जा रही है ।अगर ग्रहक किसी भी तरह से असंतुष्ट होता है तो 15 दिनों के अंदर उत्पाद को वापस करने के विकल्प भी वेबसाइट पर मौजुद किया जायगा।

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