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अमेरिका का राष्ट्रपति बनने से पहले ही बाइडेन ने दिया भारत को एक बड़ा झटका

अमेरिका में नवंबर महीने में राष्ट्रपति चुनाव होने का निर्णय किया गया है। इसके लिए सभी पार्टी के नेता चुनाव जीतने के लिए अमेरिका में सभी प्रकार के तरीके अपना रहे है। जिस तरफ लोग जॉर्ज फ्लॉयड केस के कारण डोनाल्ड ट्रम्प के विवादित बयानों से भड़के हुए है वहीँ दूसरी तरफ जो बाइडेन इस केस से काफी जनता बटोर रहे है।

नागरिकता (संशोधन) कानून को लेकर बोले बाइडेन 
डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन जो अमेरिका के उप-राष्ट्रपति रहे है(2009 -2017) ने कश्मीर और नागरिकता (संशोधन) कानून को लेकर भारत के खिलाफ एक विरोधी ब्यान दिया है। उन्होंने यह कहा की भारत को जम्मू कश्मीर के नागरिको के लिए काम करना चाहिए। जो बाइडन ने नागरिकता (संशोधन) कानून और असम में एनआरसी लागू करने को लेकर भी निराशा जताई है। 
जो बाइडन के कैंपेन वेबसाइट पर प्रकाशित ‘मुस्लिम अमेरिकी समुदाय के लिए एजेंडा’ शीर्षक से प्रकाशित पॉलिसी पेपर में कहा है की नागरिकता संसोधन कानून और एनआरसी जैसे कानून भारत जैसे देश के लिए बिलकुल भी सही नहीं है। उन्होंने भारत देश को बहुसंस्कृतिवाद और धर्मनिरपेक्ष देश बताते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा की यह भारत के लोकतंत्र से बिलकुल भी मेल नहीं खाता है। 
हिन्दू-अमेरिकी समूह ने जताया विरोध 
हिंदू-अमेरिकियों के एक समूह ने बाइडन के कैंपेन में भारत के खिलाफ भाषा को लेकर विरोध जाहिर किया  है। उन्होंने कहा की जो बाइडेन को  इस पर दोबारा विचार करने की। समूह ने हिंदू-अमेरिकियों के लिए भी इसी तरह का पॉलिसी पेपर लाने की मांग की है। लेकिन बाइडेन कैंपेन की तरफ से अभी इस बात पर कोई भी जवाब नहीं आया है।
क्या लिखा है बाइडेन पालिसी पेपर में ?
पॉलिसी पेपर में लिखा गया है कि जो बाइडन मुस्लिम देशों और मुस्लिम आबादी वाले देशों में हो रही घटनाओं को लेकर मुस्लिम-अमेरिकियों के दर्द को बहुत ही अच्छे से समझ रहे है। इस केटेगरी में चीन के वीगर मुसलमानों को डिटेंशन कैंप के साथ कश्मीर और असम को भी रखा गया है। इसमें म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिम के खिलाफ भी दर्द जताया गया है की कैसे उन्हें समाज का सामना करना पड़ रहा है।  
यह पालिसी पेपर पढ़ने के बाद साफ़ ज़ाहिर हो रहा है की अगर जो बाइडेन अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बन जाते है तो भारत के साथ अमेरिका के संबंध वैसे नहीं रहेंगे जैसे अभी है। जो बाइडेन कई और बार भारत के खिलाफ विवादित ब्यान दे चुके है। 

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