Pop Culture Hub

Web Shows

सूत्रों के अनुसार- सशस्त्र बलों को चीनी आक्रामक गतिविधि पर जवाब देने में पूरी स्वतंत्रता

चीन के साथ 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक सीमा पर तैनात सशस्त्र बलों को किसी भी चीनी आक्रामक व्यवहार के लिए “पूरी तरह से” जवाब देने में “पूर्ण स्वतंत्रता” दी गई है, सरकार के सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख के मामले पर उच्च स्तरीय बैठक की है 
इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवाने, नेवी चीफ एडमिरल करमबीर सिंह और एयर चीफ मार्शल आर.के. भदौरिया मौजूद थे।
बताया न रहा है की  राजनाथ सिंह ने शीर्ष सैन्य पीतल को भूमि सीमा, हवाई क्षेत्र और रणनीतिक समुद्री गलियों में चीनी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए निर्देश दिए है, और उन्हें चीनी बलों द्वारा किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए “सख्त” दृष्टिकोण अपनाने के लिए स्वतंत्र किया है।
 छः हफ्तों से भारतीय और चीनी सरना में मुठ एड बनी हुई है पूर्वी लद्दाख को लेकर।15 जून को गालवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में चीनी सेना के 20 सैनिकों के मारे जाने और 76 के लगभग घायल होने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध गंभीर तनाव में आ चुके है।
 चीन द्वारा अभी उनकी सेना में हुई हताहतों की संख्या का उल्लेख कहीं नही किया गया है।
 दोनों देशों के बीच वास्तविक सीमा रेखा (LAC)पर चीन द्वारा आक्रामकता के किसी भी कार्य से निपटने के लिए सशस्त्र बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है।
 उन्होंने कहा कि सेना और साथ ही भारतीय वायुसेना पहले से ही LAC के साथ अपनी परिचालन क्षमताओं में तेजी ला रही है जिससे कोई भी गलत चीनी गतिविधि पर मुंह तोड़ जवाब दिया जा सके।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *

DMCA.com Protection Status