जीतू भैया की ‘चमन बहार’ में टिक टॉक स्टार को कोई डायलॉग न देकर कैरीमिनाती से भी ज्यादा ट्रोल कर दिया!

-Abhinav Aazad

@filmybaapofficial

भारतीय सिनेमा हमेशा दौर के हिसाब से चला है, जैसे डाकुओं का दौर जब ‘शोले’ जैसी फिल्म बनी, फिर इच्छाधारी सांपो का दौर फिर सेना के युद्धो का दौर ऐसे और कई दौर आये, आज कल जो दौर चल रहा है वो है छोटे शहर की कहानी का, इसी परम्परा को आगे बढ़ाया है चमन बहार ने।

‘पंचायत’ के बाद जीतू भैया यानी जीतेन्द्र कुमार इस नयी फ़िल्म में दिख रहे है और अपने किरदार ‘बिल्लू’ के साथ न्याय कर रहे हैं। कहानी छत्तीसगढ़ के लोरमी कस्बे के आस-पास बुनी गयी है। जहाँ बिल्लू (जीतू भैया) अपनी पहचान बनाने निकले हैं और वो भी  ‘पान की दुकान’ खोलकर। बस इसी दुकान का नाम है – चमन बहार । दुकान खोलने के बाद पता चलता है कि उनके साथ धोखा हुआ है और उनकी दुकान ऐसे इलाके में आ गयी है जहाँ भीड़-भाड़ नहीं है। यानी आमदनी ही नहीं है। अब बिल्लू की दुकान चले तो चले कैसे?? तब एंट्री होती है टिकटॉक के कोटे से आई ‘रितिका बड़ियानी‘ की। लेकिन रितिका की एंट्री बिल्लू की पान की दुकान को फायदा कैसे करा पाएगी? यह आप फ़िल्म में देखिए। 

कहानी को लिखा और डायरेक्ट किया है अपूर्वधर बड़गैया ने, यह उनकी पहली फिल्म है। उन्होंने अपने लेखन और निर्देशन दोनों से ही प्रभावित किया है। फिल्म में कुछ बहुत ही प्यारे पंच भी हैं और एकतरफा प्यार को भी दर्शाया है। डायरेक्टर ने टिकटॉक स्टार को कोई डायलाग ही न देकर कैरीमीनाटी से कहीं ज्यादा ट्रोल कर दिया है। रितिका सिर्फ इसलिये वहाँ है क्योंकि वो अच्छी दिखती हैं, इसके अलावा कोई वजह नहीं है डायरेक्टर उन्हें इस रोल के लिये चुने। सोमू (भुवन अरोड़ा) और छोटू (धीरेंद्र तिवारी) की जोड़ी ने गज़ब की केमिस्ट्री बिठाई और कई जगहों पर बाक़ी किरदारों को ओवर शैडो करते नज़र आये।

 कहीं कहीं पर लगता है कि शायद फ़िल्म के सीन दोहराए जा रहे हैं या ज़रूरत के बगैर दिखाये जा रहे हैं, कुछ जगहों पर जबर्दस्ती पंच डालने और हंसाने की कोशिश भी की गयी है। फिल्म का म्यूजिक औसत दर्जे का है, सोनू निगम की आवाज़ सुने अर्सा हो गया था उनके फैंस की ये ख़्वाहिश पूरी हो जायेगी। हम अभी तक एक कहावत सुनते आये हैं-“लड़की चाहे तो घर को स्वर्ग बना दे, चाहे घर को नर्क” यहाँ पर कहावत थोड़ी अलग है-“लड़की चाहे तो पान की दुकान को प्रोविजन स्टोर बना दे। जीतेन्द्र कुमार उर्फ जीतू भैया की यह फ़िल्म उनकी पुरानी फ़िल्म/वेबसेरीज़ के मुकाबले थोड़ी कमज़ोर है। अंततः यह एक लाइट कॉमेडी बन कर उभरती है। आप इसे Netflix पर देख सकते हैं। इस टेंशन भरे माहौल में थोड़ा-सा मन खुश करना हो तो यह फ़िल्म आपके लिए है।

रेटिंग – 2.5/5

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