Pop Culture Hub

Recommendations

अमेरिका ने चुना पहला अश्वेत चीफ ऑफ स्टाफ, क्या इसके पीछे विरोध प्रदर्शन को रोकने की कोशिश?

अमेरिका में हाल ही हुई घटनाओं के बाद बढ़ी अराजकता के बाद, अमेरिका के इतिहास में पहली बार किसी अश्वेत को चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया है। 

अमेरिका में सीनेट ने जनरल चार्ल्स ब्राउन जूनियर की वायु सेना के चीफ ऑफ स्टाफ पद पर नियुक्ति की सर्वसम्मति से पुष्टि कर दी। जिससे वह देश की सैन्य सेवाओं में से एक का नेतृत्व करने वाले पहले अश्वेत अधिकारी बन गए हैं। उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने सीनेट में मतदान की अध्यक्षता की। ब्राउन के नाम पर शून्य के मुकाबले 98 मतों से पुष्टि की गई। पेंस ने इस क्षण को ”ऐतिहासिक” बताया।
यह मतदान ऐसे समय में हुआ है जब ट्रम्प प्रशासन मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद उमड़े जन आक्रोश का सामना कर रहा है। ब्राउन हाल ही में अमेरिका प्रशांत वायु सेना के कमांडर रह चुके हैं।

यहां पर हुई घटनाओं का क्रम जले पर नमक छिड़कने जैसा नज़र आता है। 
तीन वर्ष पूर्व ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था जब 2014 से चल रहे ब्लैक लाइव्स मैटर पर लोगों का ध्यान गया था। एक अश्वेत युवक की हत्या के बाद चालू हुए इस आंदोलन ने 2016 के अंत में भी आग पकड़ी थी। जिसके बाद ऑस्कर अवॉर्ड में भी इसका प्रभाव देखा गया था। जैसे इस समय एक अश्वेत को मौका दिया गया है, उस समय भी मूनलाइट फिल्म को अचानक से अवॉर्ड दिया गया था। हालांकि यह फिल्म अन्य किसी भी कैटेगरी में नहीं जीत पाई थी, लेकिन सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार इस फिल्म को दिया गया था। जब एंकर ने “ला ला लैंड” का नाम ले लिया था “गलती” से तब उन्हें वापस अपनी गलती सुधारने का मौका दिया जाता है, और अवॉर्ड मिलता है मूनलाइट को। उस समय भी यह आंदोलन बहुत जोरों पर था। 2017 की फरवरी में हुए ऑस्कर में मिले इस अवॉर्ड के बाद, अचानक इस आंदोलन में ढील देखी गई थी। 
क्या अमेरिका की सरकार फिर से ऐसी कोई कोशिश में लगी है, जिससे इस अराजकता को रोका जा सके? या फिर सच में सरकार ने यह फैसला इस विरोध प्रदर्शन को शांत करने के भाव से नहीं किया है।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *

DMCA.com Protection Status