गेंद पर सलाइवा का उपयोग प्रतिबंधित करने के पक्ष में नहीं हैं डेविड वॉर्नर।

हाल ही में कोरोना वायरस महामारी के चलते अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए नियमों में कुछ जरूरी बदलाव किए थे, जिसमें एक अहम बदलाव था गेंद पर सलाइवा का इस्तेमाल ना करना।

अगर कोविड-19 महामारी के कारण मौजूदा अंतराल के बाद क्रिकेट शुरू होता है तो आईसीसी के नए नियमों के तहत सलाइवा का उपयोग करके गेंद को चमकाना प्रतिबंधित होगा।
आईसीसी के नए नियमों पर ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर ने पुनर्विचार करने को कहा है।
आईसीसी ने हाल ही में कुछ अस्थाई नियम जारी किए हैं जो कि तब तक रहने वाले हैं जब तक कोरोना वायरस खत्म नहीं होता या इसका टीका विकसित नहीं हो जाता है।
वॉर्नर का कहना है कि अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने सलाइवा पर प्रतिबंध क्यों लगाया , जबकि सभी खिलाड़ी मैच के दौरान गेंद के साथ संपर्क में रहेंगे। अगर खिलाड़ी पसीने का उपयोग करके गेंद को चमका सकता है तो सलाइवा के उपयोग पर भी प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए। वॉर्नर ने कहा कि मैं स्वास्थ्य के क्षेत्र में ज्यादा ज्ञान तो नहीं रखता पर जहां तक मुझे पता है अगर हम पसीने का उपयोग करके भी गेंद को चमकाते हैं तो उसे सभी खिलाड़ी छुएंगे और उसे उठाकर फेकेंगे। 

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